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चिंता · Anxiety

घबराहट और चिंता — कब यह बीमारी है, और इलाज कैसे होता है

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 5 मिनट

घबराहट कब "सामान्य" है और कब बीमारी?

इम्तिहान या इंटरव्यू से पहले घबराहट सबको होती है — वह सामान्य है। लेकिन जब चिंता बिना बड़ी वजह के, लगभग रोज़ बनी रहे, सोच का पहिया रुके ही नहीं, और नींद, काम या घर की ज़िंदगी बिगड़ने लगे — तब यह एंग्ज़ायटी डिसऑर्डर हो सकता है। यह भी उतनी ही असली मेडिकल बीमारी है जितनी कोई और, और इसका इलाज होता है।

आम लक्षण

पैनिक अटैक क्या होता है?

अचानक, कुछ ही मिनटों में चरम पर पहुँचने वाला डर — धड़कन बहुत तेज़, साँस न आती लगना, चक्कर, "अभी मर जाऊँगा / पागल हो जाऊँगा" का एहसास। यह आमतौर पर 10–20 मिनट में ख़ुद उतर जाता है और इससे जान नहीं जाती — लेकिन महसूस बिल्कुल दिल के दौरे जैसा होता है। इसीलिए पहली बार ऐसा हो, ख़ासकर छाती में दर्द के साथ, तो पहले अस्पताल जाकर दिल की जाँच करा लेना ही सही क़दम है। जाँचें बार-बार सामान्य आएँ और दौरे पड़ते रहें, तो वजह अक्सर पैनिक डिसऑर्डर होती है — जिसका इलाज मनोचिकित्सक करते हैं।

⚠ तुरंत मदद कब? पहली बार छाती में दर्द या साँस की गंभीर दिक़्क़त हो तो पहले नज़दीकी अस्पताल/इमरजेंसी जाएँ। और अगर घबराहट के साथ ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल आ रहे हों, तो तुरंत कॉल करें — SSK 24/7 हेल्पलाइन 011 6931 0723 या Tele-MANAS 14416

उसी पल आराम के दो आसान तरीक़े

  1. धीमी साँस: 4 गिनती में नाक से साँस लें, 4 गिनती रोकें, 6 गिनती में मुँह से छोड़ें — 8–10 बार। लंबी साँस छोड़ना शरीर का "शांत" बटन है।
  2. 5-4-3-2-1: आसपास की 5 चीज़ें देखें, 4 छूएँ, 3 आवाज़ें सुनें, 2 ख़ुशबू, 1 स्वाद। यह मन को डर से हटाकर "अभी, यहाँ" पर ले आता है।

ये तरीक़े दौरे के पल में मदद करते हैं — पर बार-बार आती घबराहट की जड़ का इलाज नहीं हैं।

इलाज कैसे होता है?

काउंसलिंग (सोच के पैटर्न बदलने की थेरेपी) और ज़रूरत होने पर दवा — दोनों मिलकर बहुत अच्छा काम करते हैं। ध्यान रखें: मेडिकल स्टोर से बिना पर्चे की "नींद या चिंता की गोली" ख़ुद लेना आदत बना सकता है। सही जाँच के बाद सही इलाज — यही रास्ता है। SSK में यह सब एक ही छत के नीचे, पूरी गोपनीयता से होता है।

बात करने से शुरुआत होती है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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