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डिप्रेशन · Depression

डिप्रेशन के लक्षण — उदासी और बीमारी में फ़र्क़ कैसे पहचानें

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 4 मिनट

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उदासी और डिप्रेशन में क्या फ़र्क़ है?

दुख आना-जाना ज़िंदगी का हिस्सा है। लेकिन जब उदासी या किसी भी चीज़ में मन न लगना लगभग हर दिन, दो हफ़्ते से ज़्यादा बना रहे, और काम, नींद या रिश्तों पर असर डालने लगे — तो यह सिर्फ़ "मूड" नहीं, डिप्रेशन हो सकता है। डिप्रेशन दिमाग़ की एक मेडिकल बीमारी है — बिल्कुल वैसे ही जैसे शुगर या बीपी शरीर की — और इसका इलाज होता है।

आम लक्षण

इनमें से कई लक्षण दो हफ़्ते से ज़्यादा रहें, तो डॉक्टर से मिलना ज़रूरी है।

डिप्रेशन हमेशा "उदासी" जैसा नहीं दिखता

ख़ासकर पुरुषों में यह चिड़चिड़ेपन और गुस्से के रूप में दिखता है। कई लोगों में यह शरीर की तकलीफ़ें बनकर आता है — सिरदर्द, गैस, बदन दर्द, जिनकी हर जाँच "नॉर्मल" आती है। बुज़ुर्गों में यह "कमज़ोरी" या याददाश्त की शिकायत जैसा लगता है, और कुछ लोग इसे दबाने के लिए शराब का सहारा बढ़ा देते हैं। ऐसे छिपे रूपों में भी असली वजह डिप्रेशन हो सकती है।

⚠ तुरंत मदद कब? अगर आपको या किसी अपने को ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने या आत्महत्या के ख़याल आ रहे हैं, तो यह इमरजेंसी है। तुरंत कॉल करें — SSK 24/7 हेल्पलाइन 011 6931 0723 या Tele-MANAS 14416। ऐसे समय व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।

अच्छी ख़बर: इलाज होता है

डिप्रेशन का इलाज काउंसलिंग और ज़रूरत पड़ने पर दवा से होता है — और ज़्यादातर मरीज़ ठीक होकर सामान्य ज़िंदगी में लौटते हैं। जितनी जल्दी इलाज शुरू, उतनी आसान और अच्छी रिकवरी। SSK में हर दिन OPD चलती है, 6 काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट की टीम है, और आपकी हर बात गोपनीय रहती है।

परिवार क्या करे?

बात करने से शुरुआत होती है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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