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याददाश्त · Memory

भूलने की बीमारी: बुढ़ापे की भूल और डिमेंशिया में फ़र्क़ कैसे पहचानें

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 5 मिनट

बुढ़ापे की भूल और बीमारी में फ़र्क़

उम्र के साथ कभी-कभी नाम या चाबी भूल जाना सामान्य है। फ़र्क़ यहाँ है: सामान्य भूल में चाबी कहाँ रखी यह भूलते हैं; बीमारी में चाबी किस काम की है यह उलझने लगता है। जब भूलना रोज़ की ज़िंदगी बिगाड़ने लगे, तो वह "बस बुढ़ापा" नहीं है — जाँच ज़रूरी है।

ये संकेत गंभीरता से लें

जल्दी दिखाना क्यों ज़रूरी है

सबसे अहम बात: भूलने की हर बीमारी डिमेंशिया नहीं होती। थायरॉइड, विटामिन B12 की कमी, और बुज़ुर्गों का डिप्रेशन — ये सब डिमेंशिया जैसा दिखा सकते हैं और इलाज से पूरी तरह ठीक हो सकते हैं। और असली डिमेंशिया में भी जल्दी शुरू इलाज बीमारी की रफ़्तार धीमी कर सकता है और परिवार को सँभालने का ठीक तरीक़ा सिखाता है। इसलिए "अब उम्र हो गई" कहकर टालें नहीं।

⚠ अचानक बदलाव = इमरजेंसी हो सकती है भूलना महीनों में धीरे-धीरे बढ़ता है। अगर कोई बुज़ुर्ग एक-दो दिन में अचानक बहुत भ्रमित हो जाए — पहचानना बंद कर दे, अजीब बातें/चीज़ें देखने लगे — तो यह अक्सर इन्फ़ेक्शन, दवा या किसी और मेडिकल वजह से होता है और तुरंत जाँच माँगता है। कॉल करें: 011 6931 0723

परिवार के लिए

SSK में जाँच

याददाश्त की विस्तृत जाँच, ज़रूरी ख़ून की जाँचें, और ज़रूरत होने पर EEG — सब एक ही जगह। साथ में परिवार को साफ़ समझाइश: क्या है, आगे क्या होगा, और घर पर क्या करना है।

बात करने से शुरुआत होती है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

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