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मिर्गी · Epilepsy

मिर्गी: दौरा पड़ने पर क्या करें — और कौन-सी ग़लतियाँ कभी न करें

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 5 मिनट

मिर्गी क्या है — और क्या नहीं

मिर्गी दिमाग़ की बिजली-सी तरंगों का असंतुलन है, जिससे दौरे पड़ते हैं। यह न कोई ऊपरी साया है, न किसी ग़लती की सज़ा — और नारियल, चप्पल या प्याज़ सुँघाने से दौरा नहीं रुकता। ये मिथक इलाज में देरी कराते हैं। सच यह है: नियमित दवा से ज़्यादातर मरीज़ों के दौरे पूरी तरह काबू में आ जाते हैं और वे सामान्य ज़िंदगी जीते हैं।

किसी को दौरा पड़े तो क्या करें

  1. घबराएँ नहीं — समय देखें; ज़्यादातर दौरे 1–3 मिनट में ख़ुद रुक जाते हैं
  2. व्यक्ति को करवट पर लिटाएँ, सिर के नीचे कुछ नरम रखें
  3. आसपास की नुकीली/सख़्त चीज़ें हटा दें, चश्मा उतारें, गले के कपड़े ढीले करें
  4. दौरा ख़ुद रुकने दें — झटकों को ज़बरदस्ती पकड़ें नहीं
  5. होश आने तक पास रहें; व्यक्ति भ्रमित हो सकता है — शांति से बताएँ क्या हुआ
⚠ ये ग़लतियाँ कभी नहीं मुँह में चम्मच, कपड़ा, पानी या दवा कुछ भी न डालें — दम घुट सकता है। ("ज़बान निगलने" वाली बात मिथक है।) और यह इमरजेंसी है अगर: दौरा 5 मिनट से लंबा चले, एक के बाद एक दौरे आएँ, साँस न लौटे, गंभीर चोट लगे, या दौरा पानी में/गर्भावस्था में पड़े — तुरंत 112 या 011 6931 0723 पर कॉल करें।

जाँच और इलाज

सही इलाज की नींव सही जाँच है — दौरे का ब्योरा (हो सके तो वीडियो), और EEG, जो SSK में ही उपलब्ध है। इलाज की सबसे बड़ी शर्त एक ही है: दवा रोज़, बिना नागा। दवा अचानक बंद करना बड़े और लंबे दौरे का सबसे आम कारण है — कोई भी बदलाव सिर्फ़ डॉक्टर से पूछकर।

मिर्गी के साथ ज़िंदगी

पढ़ाई, नौकरी, शादी, बच्चे — दौरे काबू में हों तो सब संभव है। कुछ समझदारियाँ ज़रूरी हैं: नींद पूरी रखें, शराब से दूरी, अकेले तैरने से परहेज़, और गाड़ी चलाना तभी जब डॉक्टर लंबे समय तक दौरे न आने की पुष्टि करें। मिर्गी छुपाने की नहीं, इलाज कराने की चीज़ है।

बात करने से शुरुआत होती है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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