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बायपोलर · Bipolar

बायपोलर डिसऑर्डर — जब मूड बहुत ऊपर या बहुत नीचे चला जाए

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 5 मिनट

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यह सामान्य मूड स्विंग से कैसे अलग है?

हर किसी का मन कभी अच्छा, कभी बुरा होता है — यह सामान्य है। बायपोलर डिसऑर्डर में मूड इससे कहीं ज़्यादा और लंबे समय तक बदलता है — कुछ दिन या हफ़्तों तक बहुत “ऊपर” (मेनिया/उन्माद) या बहुत “नीचे” (डिप्रेशन) रहता है, और पढ़ाई, नौकरी, पैसे और रिश्तों पर सीधा असर डालता है। यह दिमाग़ की एक मेडिकल बीमारी है — स्वभाव, नाटक या कमज़ोरी नहीं — और इसका इलाज होता है।

“ऊपर” (मेनिया) के लक्षण

“नीचे” (डिप्रेशन) के लक्षण

यही व्यक्ति कुछ समय बाद बिल्कुल उलट अवस्था में जा सकता है — गहरी उदासी, ऊर्जा की कमी, हर चीज़ में रुचि ख़त्म, नींद और भूख में बदलाव, ख़ुद को बेकार या बोझ समझना। (पूरी सूची हमारे डिप्रेशन के लक्षण वाले लेख में है।) दोनों अवस्थाओं का बार-बार आना ही बायपोलर की पहचान है।

⚠ तुरंत मदद कब? जब उदासी और बेचैनी एक साथ हों (“मिश्रित अवस्था”), तब आत्महत्या का ख़तरा सबसे ज़्यादा होता है। ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के किसी भी संकेत में तुरंत कॉल करें — SSK 24/7 हेल्पलाइन 011 6931 0723 या Tele-MANAS 14416। ऐसे समय व्यक्ति को अकेला न छोड़ें।

दवा बीच में बंद करना सबसे बड़ी ग़लती

बायपोलर का इलाज मुख्यतः mood stabilizer दवाओं से होता है, साथ में काउंसलिंग। “मैं अब बिल्कुल ठीक हूँ” लगने पर दवा ख़ुद बंद कर देना सबसे आम कारण है जिससे मरीज़ फिर बीमार पड़ता है — इसलिए दवा में कोई भी बदलाव सिर्फ़ डॉक्टर से पूछकर ही करें।

परिवार क्या करे?

सही इलाज से स्थिर ज़िंदगी संभव है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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