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नशा मुक्ति · De-addiction

नशा छोड़ने का सही तरीक़ा — इलाज, सिर्फ़ इच्छाशक्ति नहीं

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 5 मिनट

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नशा "आदत" नहीं — बीमारी है

शराब, अफ़ीम, भुक्की, ट्रामाडोल या कोई भी नशा लंबे समय तक लेने से दिमाग़ की केमिस्ट्री बदल जाती है। तब शरीर नशे को "ज़रूरत" की तरह माँगने लगता है। इसीलिए सिर्फ़ क़समें और इच्छाशक्ति बार-बार हार जाती हैं — इसमें शर्म की कोई बात नहीं। जैसे शुगर में इच्छाशक्ति से इंसुलिन नहीं बनता, वैसे ही लत में इच्छाशक्ति अकेली काफ़ी नहीं होती। यह इलाज की बात है — और इलाज से पूरी तरह ठीक होना संभव है।

⚠ शराब अचानक बंद न करें जो लोग रोज़ ज़्यादा शराब पीते हैं, वे अचानक ख़ुद से पूरी तरह बंद न करें। अचानक छोड़ने से हाथ काँपना, बेचैनी और नींद उड़ना ही नहीं — कई बार दौरे (fits) और भ्रम जैसी गंभीर हालत भी हो सकती है। छोड़ना है तो डॉक्टर की निगरानी में — दवा के सहारे सुरक्षित तरीक़े से। यही सबसे तेज़ और सबसे सुरक्षित रास्ता है। सवाल हो तो 011 6931 0723 पर कॉल करें।

SSK में नशा-मुक्ति का इलाज कैसे होता है?

  1. जाँच और बातचीत — कौन-सा नशा, कितना, कब से; सेहत की पूरी जाँच। सब कुछ गोपनीय।
  2. सुरक्षित विदड्रॉल — दवा की मदद से शरीर को आराम से नशे से बाहर निकाला जाता है; ज़रूरत हो तो 20-बेड यूनिट में भर्ती, 24 घंटे नर्सिंग निगरानी में।
  3. तलब (क्रेविंग) का इलाज — मन बार-बार नशे की ओर न भागे, इसके लिए मेडिकल इलाज।
  4. काउंसलिंग — मरीज़ और परिवार दोनों की; ट्रिगर पहचानना और उनसे निपटना सीखना।
  5. नियमित फ़ॉलो-अप — यही वह हिस्सा है जो रिकवरी को पक्का बनाता है।

अगर दोबारा लत लग जाए?

दोबारा शुरू हो जाना (relapse) नाकामी नहीं — इस बीमारी की प्रकृति का हिस्सा है, जैसे शुगर कभी-कभी बढ़ जाती है। शर्मिंदा होकर इलाज छोड़ने की बजाय जितनी जल्दी हो सके वापस आएँ। हर बार रिकवरी पहले से मज़बूत होती है।

परिवार के लिए चार बातें

गोपनीयता की पूरी गारंटी

नशे का इलाज करवाना हिम्मत का काम है, और हम उसकी क़दर करते हैं। आपका रिकॉर्ड गोपनीय रहता है — आपकी सहमति के बिना किसी से साझा नहीं होता।

बात करने से शुरुआत होती है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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