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प्रसवोत्तर अवसाद · Postpartum

डिलीवरी के बाद उदासी — कब यह सामान्य है, कब नहीं

डॉ. मृदुल शर्मा (MBBS, MD न्यूरोसाइकेट्री) की देखरेख में · SSK न्यूरो-साइकेट्री हॉस्पिटल · अगस्त 2026 · 4 मिनट

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“बेबी ब्लूज़” और पोस्टपार्टम डिप्रेशन में फ़र्क़

डिलीवरी के बाद हारमोन में बड़ा बदलाव आता है, और लगभग हर नई माँ को कुछ दिन उदासी, रोना, थकान महसूस हो सकती है — इसे “बेबी ब्लूज़” कहते हैं, यह आमतौर पर दो हफ़्ते में अपने-आप ठीक हो जाता है। अगर उदासी, चिंता या थकान दो हफ़्ते से ज़्यादा बनी रहे, या गहरी होती जाए — तो यह पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो सकता है, जो एक असली मेडिकल बीमारी है, माँ की कमज़ोरी या ग़लती नहीं।

आम लक्षण

यह माँ की ग़लती नहीं है

भारतीय परिवारों में अक्सर इसे “कमज़ोरी” या “नाटक” समझ लिया जाता है — जबकि यह हारमोन और दिमाग़ में असली बदलाव है। ताने या तुलना (“बाक़ी सब माँएँ तो सम्भाल लेती हैं”) हालत को बदतर बनाते हैं। सही सहारा और इलाज से माँ पूरी तरह ठीक हो जाती है।

⚠ तुरंत मदद कब? अगर माँ के मन में ख़ुद को या बच्चे को नुक़सान पहुँचाने के ख़याल आएँ, या बहुत उलझन, अजीब यक़ीन या डर महसूस हों — यह इमरजेंसी है। माँ को अकेला न छोड़ें, तुरंत कॉल करें — SSK 24/7 हेल्पलाइन 011 6931 0723 या Tele-MANAS 14416। ऐसा होना दुर्लभ है, पर समय पर मदद बहुत ज़रूरी है।

परिवार (ख़ासकर पति और घर के बड़े) क्या करें?

इलाज और सहारा

काउंसलिंग से, और ज़रूरत पड़ने पर स्तनपान को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित दवाओं से इलाज होता है — डॉक्टर हर दवा स्तनपान की स्थिति देखकर ही तय करते हैं। ज़्यादातर माँएँ कुछ हफ़्तों से महीनों में काफ़ी बेहतर महसूस करने लगती हैं। SSK में यह बातचीत पूरी गोपनीयता और सम्मान के साथ होती है।

अकेले सम्भालने की ज़रूरत नहीं है।

कॉल करें, WhatsApp करें या सीधे OPD में आएँ — बात गोपनीय रहती है।

OPD: मंगल–रवि · 10:30–2:30 व 5:30–7:30 · सोमवार OPD बंद · इमरजेंसी 24/7

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